Sewabharti Felicitates individuals and agencies working for protection of Girl Child



बेटी बचाने और उन्हें सक्षम बनाने के लिए इन्हें मिला सम्मान


समाजकेकुछ लोग ऐसे हैं जिनमें समाजसेवा का जुनून है। ये अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समाज के लिए समय निकाल रहे हैं। कोई डॉक्टर है तो कोई टीचर है। कोई नौकरी से रिटायर हो चुका है, लेकिन फिर भी समाज से कुरीतियां मिटाने में लगा है। शुक्रवार को सेवा भारती की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ये चेहरे देखने को मिले। 

सनातन धर्म मंदिर में आयोजित वार्षिक प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित किया गया। सेवा भारती की ओर से संदीप जैन, राजीव भाटिया, जगदीश धनेजा, एसके वर्मा, गौरव, मदन जैन, सूरज प्रकाश, योगदान धरेजा, नरेश कुमार, देवेंद्र जैन, किसान धर्मवीर सिंह, सिंगराम सैनी, चंद्रप्रकाश तुली, डॉ. श्यामलाल, डॉ. विनोद सिंघल, प्रो. एसएल सैनी, बलदेवराज और डॉ. उदयभान सिंह को समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में इंडस्लिस्ट उर्मिला गुप्ता और मुख्यवक्ता के रूप में अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख अजीत महापात्र पहुंचे। अध्यक्षता सेवा भारती की जिलाध्यक्ष प्रवीन लत्ता भाटिया ने की। 

युवाओंको जुड़ना होगा समाजसेवा से: मुख्यवक्ता अजीत महापात्र ने कहा कि सेवा बस्ती में रहने वाले हम सब के परिवार जैसे ही है यदि छोटे है तो हमारे बच्चे है। 

हमसे थोड़ा छोटे है तो हमारे भाई-बहन हो सकते है और वृद्ध है तो हमारे माता-पिता की तरह है। उन्होंने सेवा भारती समाज से आह्वान किया कि सेवा के कार्य में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़े। अनेक प्रांतों में प्रवास के दौरान प्राप्त अनुभवों के उदाहरण देते हुए महापात्र ने बताया कि अनेक ऐसे प्रांतों के अनेक स्थान है जहां पर सेवा का कार्य प्रण-प्रण से किया जा रहा है कहीं-कहीं तो गांव के गांव परिवार के साथ सेवा के कार्य में लगे हुए है जो कि निश्चित रूप से प्रेरणा का विषय है। 

उन्होंने कहा कि यदि मेरे घर से बाहर मोहल्ले में या गांव में कोई भी व्यक्ति किसी कारण दुखी है और आप उसकी पीड़ा को अपनी पीड़ा महसूस कर रहे है तथा आप उसकी कुछ मदद करना चाहते है तो वास्तव में यही सेवा भावना है। 

इसी भावना को समाज में सेवा भारती और बढ़ाना चाहती है। स्वच्छता पर भारत वासियों के नजरिए पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विदेश के लोगों को भगवान कहां है यह पता हो हो पर कूड़ा दान कहां है इसकी जानकारी छोटे से लेकर बुजुर्गों तक को होती है। भारतीयों को अपनी इस प्रवृति को बदलना चाहिए। इस दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिन्हें विशिष्ट अतिथियों ने सम्मानित किया। 

यमुनानगर| दीपप्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते मुख्यातिथि उपस्थित गणमान्य व्यक्ति। 
Source: http://www.bhaskar.com/news/HAR-OTH-MAT-latest-yamunanagar-news-043503-1597975-NOR.html

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