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Showing posts from April 28, 2016

A continuous river of selfless service : sewabharati

निष्काम सेवा का अविरल बहता झरना है सेवाभारती मानव सेवा ही प्रभु सेवा है। इस भाव को धारण करते हुए जो कुछ सेवा की जाती है उसे ही असली और निष्काम सेवा कहा जाता है। और इस सेवा को ही वास्तव में सेवा-परोपकार कहा जा सकता है। भारतवर्ष में लोक सेवा और परोपकार की इसी आदि परंपरा को निर्वाह करते हुए आज भी कई संस्थाएं हैं जो इन मूल्यों पर जी रही हैं। इन्हीं में सेवा भारती वह संस्था है जिसकी प्रामाणिकता और विश्वसनीयता का हर कोई कायल रहा है। सेवाभारती देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक सेवा के विभिन्न आयामों को जिस प्रकार साकार कर रही है वह मानवता की सेवा का स्वर्णिम और अनुकरणीय इतिहास ही कहा जा सकता है। हिन्दुस्तान भर में सेवा भारती के 10 हजार से ज्यादा केन्द्र हैं जो राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से सामाजिक सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। यह देश के 600 से अधिक जिलों में एक वर्ष में डेढ़ लाख से ज्यादा गतिविधियां संचालित करती हुई सेवा क्षेत्रों को आकार देने में जुटी हुई है। सेवा भारती राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तीसरे सरसंघचालक परम पूज्य बाला साहब देवरस की प्रेरणा से शुरू हुई और उसके बाद से ही निरन्तर …